Poems

Kashti

on
July 8, 2018

आँगन में घर के है
किन मिन्न सी बारिश
पानी की धारा के उस पार
ज़िंदगी खड़ी है

कोरा है काग़ज़
कश्ती बनी है
लिख दो हर बात
जो दिल मे अड़ी है

कर अटूट विश्वास
की मंज़िल पा ली है
उस कश्ती पे सवार
समुन्दर भी आँगन सा पानी है

कमज़ोरी एक ऐहसास
बस मस्तक के अंदर है
विचारों से ही
तेरी दुनिया बनी है

कोरा है काग़ज़
कश्ती बनी है
हो जा सवार
बस यही एक घड़ी है

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Abhishek Dudeja
India

Abhishek is the co-author of the Poetry Book "Rousing Cadence" which has been appreciated world wide. He is a graduate of engineering. He is an entrepreneur in motion. He is currently running his business venture "BIZDESIRE".